Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.49.2: जैसे जगदग्निनन्दन परशुरामजी ने लाखों क्षत्रियों का संहार किया था, वैसे ही भरत के युद्ध में क्षत्रिय वंश में उत्पन्न हुए लोग पुनः मारे गए॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 12.49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथा च जामदग्न्येन कोटिश: क्षत्रिया हता:।
उद्भूता राजवंशेषु ये भूयो भारते हता:॥ २॥
अनुवाद
जैसे जगदग्निनन्दन परशुरामजी ने लाखों क्षत्रियों का संहार किया था, वैसे ही भरत के युद्ध में क्षत्रिय वंश में उत्पन्न हुए लोग पुनः मारे गए॥ 2॥
Just as Jagadagninandan Parashurama had killed millions of Kshatriyas, those who were born in the Kshatriya dynasties were once again killed in the war of Bharata.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥