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mahabharat 12.49.19-21h: परन्तु तुम्हारा भाई ब्राह्मण और तपस्वी होगा। तुम्हारे चरणों में मैंने ब्रह्मा का सम्पूर्ण महातेज स्थापित किया था और जो चरण तुम्हारी माता के लिए थे, उनमें क्षत्रिय का सारा बल और पराक्रम समाया हुआ था, परन्तु कल्याणी! चक्र बदलने से अब ऐसा नहीं होगा। तुम्हारी माता का पुत्र ब्राह्मण होगा और तुम्हारा पुत्र क्षत्रिय होगा। 19-20 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 12.49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा  »  श्लोक 19-21h
 
 
श्लोक  12.49.19-21h 
उत्पत्स्यति च ते भ्राता ब्रह्मभूतस्तपोरत:।
विश्वं हि ब्रह्म सुमहच्चरौ तव समाहितम्॥ १९॥
क्षत्रवीर्यं च सकलं तव मात्रे समर्पितम्।
विपर्ययेण ते भद्रे नैतदेवं भविष्यति॥ २०॥
मातुस्ते ब्राह्मणो भूयात् तव च क्षत्रिय: सुत:।
 
 
अनुवाद
परन्तु तुम्हारा भाई ब्राह्मण और तपस्वी होगा। तुम्हारे चरणों में मैंने ब्रह्मा का सम्पूर्ण महातेज स्थापित किया था और जो चरण तुम्हारी माता के लिए थे, उनमें क्षत्रिय का सारा बल और पराक्रम समाया हुआ था, परन्तु कल्याणी! चक्र बदलने से अब ऐसा नहीं होगा। तुम्हारी माता का पुत्र ब्राह्मण होगा और तुम्हारा पुत्र क्षत्रिय होगा। 19-20 1/2॥
 
'But your brother will be a Brahmin and a devotee of penance. In your feet I had established the entire great glory of Brahma and in the feet which were for your mother, all the strength and bravery of a Kshatriya was included, but Kalyani! By changing the wheel this will no longer happen. Your mother's son will be a Brahmin and yours will be a Kshatriya. 19-20 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)