Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.49.17-18: सत्यवती के गर्भस्थ शिशु को देखकर महर्षि भृगु ने अपनी धर्मपत्नी से कहा - 'भद्रे! तुम्हारी माता ने अपना आचरण बदलकर तुम्हारे साथ छल किया है। तुम्हारा पुत्र अत्यन्त क्रोधी और क्रूर होगा।' | mahabharat अध्याय 12.49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सत्यवती के गर्भस्थ शिशु को देखकर महर्षि भृगु ने अपनी धर्मपत्नी से कहा - 'भद्रे! तुम्हारी माता ने अपना आचरण बदलकर तुम्हारे साथ छल किया है। तुम्हारा पुत्र अत्यन्त क्रोधी और क्रूर होगा।'
Seeing Satyavati's unborn child, the great sage Bhrigu said to his godlike wife - 'Bhadre! Your mother cheated you by changing her behavior. Your son will be very angry and cruel.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥