गच्छन्नेव महाबाहु: स वै यादवनन्दन:।
युधिष्ठिराय प्रोवाच जामदग्न्यस्य विक्रमम्॥ ७॥
अनुवाद
मार्ग में चलते समय महाबाहु यादवानन्दन श्रीकृष्ण युधिष्ठिर से जमदग्निकुमार परशुरामजी की वीरता का वर्णन करने लगे-॥ 7॥
While walking on the way, the mighty-armed Lord Yadavanandan Shri Krishna started narrating the bravery of Jamdagnikumar Parshuramji to Yudhishthir -॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥