श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 48: परशुरामजीद्वारा होनेवाले क्षत्रियसंहारके विषयमें राजा युधिष्ठिरका प्रश्न  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.48.7 
गच्छन्नेव महाबाहु: स वै यादवनन्दन:।
युधिष्ठिराय प्रोवाच जामदग्न्यस्य विक्रमम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
मार्ग में चलते समय महाबाहु यादवानन्दन श्रीकृष्ण युधिष्ठिर से जमदग्निकुमार परशुरामजी की वीरता का वर्णन करने लगे-॥ 7॥
 
While walking on the way, the mighty-armed Lord Yadavanandan Shri Krishna started narrating the bravery of Jamdagnikumar Parshuramji to Yudhishthir -॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)