श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 48: परशुरामजीद्वारा होनेवाले क्षत्रियसंहारके विषयमें राजा युधिष्ठिरका प्रश्न  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.48.3 
तेऽवतीर्य कुरुक्षेत्रं केशमज्जास्थिसंकुलम्।
देहन्यास: कृतो यत्र क्षत्रियैस्तैर्महात्मभि:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वे सभी केश, मज्जा और हड्डियों से आच्छादित होकर कुरुक्षेत्र में उतरे, जहाँ महाहृदयी क्षत्रिय योद्धाओं ने अपने शरीर त्यागे थे।
 
All of them, covered with hair, marrow and bones, landed on the Kurukshetra, where the great-hearted Kshatriya warriors had sacrificed their bodies. 3.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)