श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज  »  श्लोक d28
 
 
श्लोक  12.47.d28 
मङ्गलं भगवान् विष्णुर्मङ्गलं मधुसूदन:।
मङ्गलं पुण्डरीकाक्षो मङ्गलं गरुडध्वज:॥ )
 
 
अनुवाद
भगवान विष्णु मंगलमय हैं, मधुसूदन मंगलमय हैं, कमलनेत्र मंगलमय हैं तथा गरुड़ध्वज मंगलमय हैं।
 
Lord Vishnu is auspicious, Madhusudana is auspicious, Lotus-eyed is auspicious and Garudadhwaj is auspicious.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)