श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज  »  श्लोक d23
 
 
श्लोक  12.47.d23 
य: सर्वप्राणिनां देहे साक्षिभूतो ह्यवस्थित:।
अक्षर: क्षरमाणानां तस्मै साक्ष्यात्मने नम:॥
 
 
अनुवाद
जो समस्त प्राणियों के शरीर में साक्षी रूप में स्थित हैं तथा जो समस्त नाशवान प्राणियों में अक्षर रूप में स्थित हैं, उन साक्षी भगवान को नमस्कार है।
 
Salutations to the Sakshi God who is present in the bodies of all living beings in the form of a witness and who is present in the form of Akshar (imperishable) in all the perishable beings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)