Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.47.d2: जिनका मुख अग्नि है, जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को धारण करते हैं और जो हविओं को सबसे पहले भस्म करते हैं, जो अग्निहोत्र स्वरूप हैं, उन भगवान को नमस्कार है। | mahabharat अध्याय 12.47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनका मुख अग्नि है, जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को धारण करते हैं और जो हविओं को सबसे पहले भस्म करते हैं, जो अग्निहोत्र स्वरूप हैं, उन भगवान को नमस्कार है।
Salutations to that God whose face is Agni, who holds the entire universe and who is the first to consume the offerings, who is in the form of Agnihotra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥