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mahabharat 12.47.d10: नरसिंह रूपधारी श्री हरि को नमस्कार है, जिन्होंने नरसिंह रूप धारण करके सम्पूर्ण जगत के लिए भय उत्पन्न करने वाले हिरण्यकशिपु नामक राक्षस का वध किया।   |   mahabharat अध्याय 12.47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज  »  श्लोक d10
 
 
श्लोक  12.47.d10 
नारसिंहवपु: कृत्वा सर्वलोकभयंकरम्।
हिरण्यकशिपुं जघ्ने तस्मै सिंहात्मने नम:॥
 
 
अनुवाद
नरसिंह रूपधारी श्री हरि को नमस्कार है, जिन्होंने नरसिंह रूप धारण करके सम्पूर्ण जगत के लिए भय उत्पन्न करने वाले हिरण्यकशिपु नामक राक्षस का वध किया।
 
Salutations to Shri Hari in the form of Narasimha, who assumed the form of Narasimha and killed the demon named Hiranyakashipu, who was fearsome for the entire world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)