Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.47.85: हे इस ब्रह्माण्ड की रचना करने वाले ईश्वर! आपको मेरा नमस्कार है। हे जगत की आत्मा और सृष्टि के उद्गम स्थान, हे जगदीश्वर! आपको मेरा नमस्कार है। आप पंचभूतों से परे हैं और समस्त प्राणियों के मोक्ष के स्रोत ब्रह्म हैं। | mahabharat अध्याय 12.47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे इस ब्रह्माण्ड की रचना करने वाले ईश्वर! आपको मेरा नमस्कार है। हे जगत की आत्मा और सृष्टि के उद्गम स्थान, हे जगदीश्वर! आपको मेरा नमस्कार है। आप पंचभूतों से परे हैं और समस्त प्राणियों के मोक्ष के स्रोत ब्रह्म हैं।
O God who created this universe! I salute you. O Jagadishwar, the soul of the universe and the place of origin of the universe! I salute you. You are beyond the five elements and are the Brahma who is the source of salvation for all beings.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥