श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  12.47.75 
यं न देवा न गन्धर्वा न दैत्या न च दानवा:।
तत्त्वतो हि विजानन्ति तस्मै सूक्ष्मात्मने नम:॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
भगवान् के उस सूक्ष्म रूप को नमस्कार है, जिसे न देवता, न गन्धर्व, न दैत्य और न राक्षस ही ठीक से जान सकते हैं ॥ 75॥
 
Salutations to that subtle form of God, whom neither the gods, nor Gandharvas, nor devils, nor demons can accurately know. ॥ 75॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)