Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.47.72: उस परमात्मा को नमस्कार है जो अन्न और जल रूपी ईंधन को ग्रहण करके शरीर में रस और प्राणशक्ति को बढ़ाता है तथा समस्त प्राणियों का पालन करता है।   |   mahabharat अध्याय 12.47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  12.47.72 
अन्नपानेन्धनमयो रसप्राणविवर्धन:।
यो धारयति भूतानि तस्मै प्राणात्मने नम:॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
उस परमात्मा को नमस्कार है जो अन्न और जल रूपी ईंधन को ग्रहण करके शरीर में रस और प्राणशक्ति को बढ़ाता है तथा समस्त प्राणियों का पालन करता है।
 
Salutations to the Supreme Soul who, after receiving the fuel in the form of food and water, increases the juice and life force within the body and sustains all the living beings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)