Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.47.39: जो स्वर्ण के समान तेजस्वी हैं, अदिति के गर्भ से उत्पन्न हुए हैं, दैत्यों का नाश करने वाले हैं और एक होते हुए भी बारह रूपों में प्रकट हुए हैं, उन सूर्यस्वरूप भगवान को नमस्कार है॥39॥ | mahabharat अध्याय 12.47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो स्वर्ण के समान तेजस्वी हैं, अदिति के गर्भ से उत्पन्न हुए हैं, दैत्यों का नाश करने वाले हैं और एक होते हुए भी बारह रूपों में प्रकट हुए हैं, उन सूर्यस्वरूप भगवान को नमस्कार है॥39॥
Salutations to God in the form of the Sun, who is as bright as gold, born from Aditi's womb, the destroyer of demons, and who, despite being one, has appeared in twelve forms. 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥