श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  12.47.107 
भीमसेनो यमौ चोभौ रथमेकं समाश्रिता:।
कृपो युयुत्सु: सूतश्च संजयश्च परंतप:॥ १०७॥
 
 
अनुवाद
तीसरे रथ पर भीमसेन और नकुल-सहदेव सवार हुए। चौथे रथ पर कृपाचार्य, युयुत्सु और शत्रुओं को पीड़ा देने वाले सारथी संजय सवार हुए।
 
Bhimasena and Nakula-Sahadeva rode on the third chariot. Krupacharya, Yuyutsu and Sanjaya, the charioteer who tormented the enemies, rode on the fourth chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)