Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.47.101: वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय! उस समय भीष्मजी का मन भगवान श्रीकृष्ण में लग गया, उन्होंने पूर्वोक्त प्रकार से उनकी स्तुति करके 'नमः श्री कृष्णाय' कहकर उन्हें प्रणाम किया॥101॥ | mahabharat अध्याय 12.47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - जनमेजय! उस समय भीष्मजी का मन भगवान श्रीकृष्ण में लग गया, उन्होंने पूर्वोक्त प्रकार से उनकी स्तुति करके 'नमः श्री कृष्णाय' कहकर उन्हें प्रणाम किया॥101॥
Vaishampayanji says – Janamejaya! At that time, Bhishmaji's mind was focused on Lord Krishna, after praising him as mentioned above, he saluted him by saying 'Namah Shri Krishnay'. 101॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥