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mahabharat 12.47.100: नारायण ही परम ब्रह्म हैं, नारायण ही परम तप हैं। नारायण ही सबसे बड़े देवता हैं और भगवान नारायण ही सर्वदा सर्वस्व हैं॥ 100॥   |   mahabharat अध्याय 12.47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज  »  श्लोक 100
 
 
श्लोक  12.47.100 
नारायण: परं ब्रह्म नारायणपरं तप:।
नारायण: परो देव: सर्वं नारायण: सदा॥ १००॥
 
 
अनुवाद
नारायण ही परम ब्रह्म हैं, नारायण ही परम तप हैं। नारायण ही सबसे बड़े देवता हैं और भगवान नारायण ही सर्वदा सर्वस्व हैं॥ 100॥
 
Narayana is the Supreme Brahman, Narayana is the ultimate penance. Narayana is the greatest deity and Lord Narayana is always everything.॥ 100॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)