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mahabharat 12.46.29: महाबाहो! सूर्य के उत्तरायण होते ही कुरुवंश के रत्न भीष्म स्वर्ग को चले जायेंगे; अतः उन्हें अवश्य ही आपका दर्शन प्राप्त होगा॥ 29॥   |   mahabharat अध्याय 12.46: युधिष्ठिर और श्रीकृष्णका संवाद, श्रीकृष्णद्वारा भीष्मकी प्रशंसा और युधिष्ठिरको उनके पास चलनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.46.29 
आवृते भगवत्यर्के स हि लोकान् गमिष्यति।
त्वद्दर्शनं महाबाहो तस्मादर्हति कौरव:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! सूर्य के उत्तरायण होते ही कुरुवंश के रत्न भीष्म स्वर्ग को चले जायेंगे; अतः उन्हें अवश्य ही आपका दर्शन प्राप्त होगा॥ 29॥
 
'Mahabaho! As soon as the Sun moves north, Bhishma, the jewel of the Kuru clan, will go to heaven; therefore, he must definitely get to see you.॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)