Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.46.14: मैं अपनी मणि के द्वारा भीष्म के पास पहुँचा, जिन्होंने भृगुनंदन परशुराम के साथ तेईस दिन तक निरन्तर युद्ध किया, परन्तु फिर भी परशुराम उन्हें परास्त न कर सके॥14॥ | mahabharat अध्याय 12.46: युधिष्ठिर और श्रीकृष्णका संवाद, श्रीकृष्णद्वारा भीष्मकी प्रशंसा और युधिष्ठिरको उनके पास चलनेका आदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्रयोविंशतिरात्रं यो योधयामास भार्गवम्।
न च रामेण निस्तीर्णस्तमस्मि मनसा गत:॥ १४॥
अनुवाद
मैं अपनी मणि के द्वारा भीष्म के पास पहुँचा, जिन्होंने भृगुनंदन परशुराम के साथ तेईस दिन तक निरन्तर युद्ध किया, परन्तु फिर भी परशुराम उन्हें परास्त न कर सके॥14॥
Through my bead I reached Bhishma who fought with Bhrigu Nandan Parashurama for twenty-three days continuously but even then Parashurama could not defeat him. ॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥