Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.45.4: महाराज! राज्य पाकर कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर ने सर्वप्रथम चारों वर्णों को उनकी योग्यता के अनुसार उनके अपने-अपने स्थान (कर्तव्य) पर स्थापित किया॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.45: युधिष्ठिरके द्वारा ब्राह्मणों तथा आश्रितोंका सत्कार एवं दान और श्रीकृष्णके पास जाकर उनकी स्तुति करते हुए कृतज्ञता-प्रकाशन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! राज्य पाकर कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर ने सर्वप्रथम चारों वर्णों को उनकी योग्यता के अनुसार उनके अपने-अपने स्थान (कर्तव्य) पर स्थापित किया॥4॥
Maharaj! After getting the kingdom, Yudhishthira, son of Kunti, first of all established the four Varnas in their respective places (duties) according to their abilities. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥