श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 42: राजा युधिष्ठिर तथा धृतराष्ट्रका युद्धमें मारे गये सगे-सम्बन्धियों तथा अन्य राजाओंके लिये श्राद्धकर्म करना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  12.42.9-10h 
धृतराष्ट्रं यथापूर्वं गान्धारीं विदुरं तथा॥ ९॥
सर्वांश्च कौरवान् मान्यान् भृत्यांश्च समपूजयत् ।
 
 
अनुवाद
उन्होंने धृतराष्ट्र, गांधारी, विदुर तथा अन्य पूज्य कौरवों की पहले की भाँति सेवा की तथा अपने सेवकों के साथ भी आदरपूर्वक व्यवहार किया॥9 1/2॥
 
He served Dhritarashtra, Gandhari, Vidur and other venerable Kauravas as before and treated his servants with respect as well.॥ 9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)