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mahabharat 12.42.11-12h: शक्तिशाली राजा युधिष्ठिर, जो गरीबों और अंधे लोगों को आश्रय, भोजन और वस्त्र प्रदान करते थे और उनके साथ कोमलता से व्यवहार करते थे, उनके प्रति बहुत दयालु थे।   |   mahabharat अध्याय 12.42: राजा युधिष्ठिर तथा धृतराष्ट्रका युद्धमें मारे गये सगे-सम्बन्धियों तथा अन्य राजाओंके लिये श्राद्धकर्म करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 42: राजा युधिष्ठिर तथा धृतराष्ट्रका युद्धमें मारे गये सगे-सम्बन्धियों तथा अन्य राजाओंके लिये श्राद्धकर्म करना  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  12.42.11-12h 
दीनान्धकृपणानां च गृहाच्छादनभोजनै:॥ ११॥
आनृशंस्यपरो राजा चकारानुग्रहं प्रभु:।
 
 
अनुवाद
शक्तिशाली राजा युधिष्ठिर, जो गरीबों और अंधे लोगों को आश्रय, भोजन और वस्त्र प्रदान करते थे और उनके साथ कोमलता से व्यवहार करते थे, उनके प्रति बहुत दयालु थे।
 
The powerful king Yudhishthira, who provided shelter, food and clothing for the poor and the blind and treated them with tenderness, was very kind to them. 11 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)