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श्लोक 12.41.19  |
पौरजानपदानां च यानि कार्याणि सर्वश:।
राजानं समनुज्ञाप्य तानि कर्माणि भागश:॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| ग्रामवासियों और जनपदवासियों को जो भी कार्य करने हों, वे सब इन महाराज की अनुमति से अलग-अलग पूरे कर लेने चाहिए।’ 19॥ |
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| 'Whatever work the villagers and district residents have to do, they should be completed separately with the permission of this Maharaja.' 19॥ |
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इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि राजधर्मानुशासनपर्वणि भीमादिकर्मनियोगे एकचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत राजधर्मानुशासनपर्वमें भीमसेन आदिकी भिन्न-भिन्न कार्योंमें नियुक्तिविषयक इकतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४१॥
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