Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.41.17-18: तत्पश्चात् शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले धर्मात्मा एवं पुण्यात्मा युधिष्ठिर ने विदुर, संजय तथा परम बुद्धिमान युयुत्सु से कहा - 'आप लोग सदैव सतर्क रहें और प्रतिदिन उठकर मेरे मामा महाराज धृतराष्ट्र की सेवा का समस्त आवश्यक कार्य विधिपूर्वक पूर्ण करें।' 17-18॥ | mahabharat अध्याय 12.41: राजा युधिष्ठिरका धृतराष्ट्रके अधीन रहकर राज्यकी व्यवस्थाके लिये भाइयों तथा अन्य लोगोंको विभिन्न कार्योंपर नियुक्त करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले धर्मात्मा एवं पुण्यात्मा युधिष्ठिर ने विदुर, संजय तथा परम बुद्धिमान युयुत्सु से कहा - 'आप लोग सदैव सतर्क रहें और प्रतिदिन उठकर मेरे मामा महाराज धृतराष्ट्र की सेवा का समस्त आवश्यक कार्य विधिपूर्वक पूर्ण करें।' 17-18॥
After that, Yudhishthira, the devout and virtuous soul who killed the enemy warriors, said to Vidur, Sanjay and the most intelligent Yuyutshu - 'You people should always be alert and get up every day and properly complete all the necessary work of serving my uncle Maharaj Dhritarashtra.' 17-18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥