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mahabharat 12.4.6-7: शिशुपाल, जरासंध, भीष्मक, वक्र, कपोतोराम, नील, बलशाली और पराक्रमी रुक्मी, स्त्रियों के राज्य का स्वामी, महाराज श्रृगाल, अशोक, शतधन्वा, भोज और वीर। 6-7॥   |   mahabharat अध्याय 12.4: कर्णकी सहायतासे समागत राजाओंको पराजित करके दुर्योधनद्वारा स्वयंवरसे कलिंगराजकी कन्याका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.4.6-7 
शिशुपालो जरासंधो भीष्मको वक्र एव च।
कपोतरोमा नीलश्च रुक्मी च दृढविक्रम:॥ ६॥
शृगालश्च महाराज: स्त्रीराज्याधिपतिश्च य:।
अशोक: शतधन्वा च भोजो वीरश्च नामत:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
शिशुपाल, जरासंध, भीष्मक, वक्र, कपोतोराम, नील, बलशाली और पराक्रमी रुक्मी, स्त्रियों के राज्य का स्वामी, महाराज श्रृगाल, अशोक, शतधन्वा, भोज और वीर। 6-7॥
 
Shishupala, Jarasandha, Bhishmak, Vakra, Kapotorama, Neel, strong and mighty Rukmi, the lord of the kingdom of women, Maharaj Shrigal, Ashoka, Shatdhanva, Bhoj and Veer. 6-7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)