Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.4.18-19: तत्पश्चात्, आक्रमणकारियों में श्रेष्ठ कर्ण ने तीव्र गति से बाण चलाकर उन समस्त राजाओं को व्याकुल कर दिया। कुछ धनुषहीन रह गए, कुछ धनुष उठाए रह गए, कुछ बाण लिए, कुछ सारथि और कुछ गदा लिए। वे जिस भी अवस्था में थे, कर्ण ने उन्हें उसी अवस्था में व्याकुल कर दिया, उनके सारथिओं को मार डाला और उन असंख्य राजाओं को परास्त कर दिया। | mahabharat अध्याय 12.4: कर्णकी सहायतासे समागत राजाओंको पराजित करके दुर्योधनद्वारा स्वयंवरसे कलिंगराजकी कन्याका अपहरण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात्, आक्रमणकारियों में श्रेष्ठ कर्ण ने तीव्र गति से बाण चलाकर उन समस्त राजाओं को व्याकुल कर दिया। कुछ धनुषहीन रह गए, कुछ धनुष उठाए रह गए, कुछ बाण लिए, कुछ सारथि और कुछ गदा लिए। वे जिस भी अवस्था में थे, कर्ण ने उन्हें उसी अवस्था में व्याकुल कर दिया, उनके सारथिओं को मार डाला और उन असंख्य राजाओं को परास्त कर दिया।
Thereafter, Karna, the best among attackers, troubled all those kings by shooting arrows rapidly. Some were left without their bows, some remained with their bows raised, some with arrows, some with charioteer and some with mace. Karna troubled them in whatever state they were in, and killed their charioteers and defeated those numerous kings.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥