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mahabharat 12.4.11: हे भरतपुत्र! तत्पश्चात् जब एक-एक करके राजाओं के नाम पुकारे जाने लगे और उनका परिचय दिया जाने लगा, तब वह सुन्दरी राजकुमारी धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन के आगे-आगे चलने लगी॥ 11॥   |   mahabharat अध्याय 12.4: कर्णकी सहायतासे समागत राजाओंको पराजित करके दुर्योधनद्वारा स्वयंवरसे कलिंगराजकी कन्याका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.4.11 
तत: संश्राव्यमाणेषु राज्ञां नामसु भारत।
अत्यक्रामद् धार्तराष्ट्रं सा कन्या वरवर्णिनी॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे भरतपुत्र! तत्पश्चात् जब एक-एक करके राजाओं के नाम पुकारे जाने लगे और उनका परिचय दिया जाने लगा, तब वह सुन्दरी राजकुमारी धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन के आगे-आगे चलने लगी॥ 11॥
 
O son of Bharata! Thereafter, when the names of the kings were being recited one by one and they were being introduced to her, that beautiful princess started moving ahead in front of Duryodhana, son of Dhritarashtra.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)