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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 39: चार्वाकको प्राप्त हुए वर आदिका श्रीकृष्णद्वारा वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  12.39.6 
स तु लब्धवर: पापो देवानमितविक्रम:।
राक्षसस्तापयामास तीव्रकर्मा महाबल:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
वरदान प्राप्त करने के बाद, अपार बलवान, पराक्रमी और भीषण कर्म करने वाले उस पापी राक्षस ने देवताओं को कष्ट देना शुरू कर दिया।
 
After receiving the boon, that sinful demon of immense power, mighty and performing horrific deeds, started tormenting the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)