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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 39: चार्वाकको प्राप्त हुए वर आदिका श्रीकृष्णद्वारा वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.39.11 
स एष निहत: शेते ब्रह्मदण्डेन राक्षस:।
चार्वाको नृपतिश्रेष्ठ मा शुचो भरतर्षभ॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! हे भारतभूषण! अब शोक मत करो। यही राक्षस चार्वाक ब्रह्मा के दण्ड से मारा जाकर पृथ्वी पर पड़ा है।
 
O best of kings! O Bharatbhushan! Now do not grieve. This same demon Charvak is lying on the earth after being killed by Brahma's danda.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)