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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 38: नगर-प्रवेशके समय पुरवासियों तथा ब्राह्मणोंद्वारा राजा युधिष्ठिरका सत्कार और उनपर आक्षेप करनेवाले चार्वाकका ब्राह्मणोंद्वारा वध
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श्लोक 4
श्लोक
12.38.4
ता: शनैरिव सव्रीडं प्रशशंसुर्युधिष्ठिरम्।
भीमसेनार्जुनौ चैव माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ॥ ४॥
अनुवाद
वे स्त्रियाँ लज्जित होकर धीरे-धीरे युधिष्ठिर, भीमसेन, अर्जुन तथा पाण्डुपुत्र माद्रीकुमार नकुल सहदेव की स्तुति करने लगीं। 4॥
Those women, feeling shy, slowly started praising Yudhishthir, Bhimsen, Arjun and Pandu's son Madri Kumar Nakul Sahadev. 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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