Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.38.17: कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर ने अपने गुरु धौम्य और अपने चाचा धृतराष्ट्र को आगे करके सब ब्राह्मणों का विधिपूर्वक पूजन किया॥17॥   |   mahabharat अध्याय 12.38: नगर-प्रवेशके समय पुरवासियों तथा ब्राह्मणोंद्वारा राजा युधिष्ठिरका सत्कार और उनपर आक्षेप करनेवाले चार्वाकका ब्राह्मणोंद्वारा वध   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 38: नगर-प्रवेशके समय पुरवासियों तथा ब्राह्मणोंद्वारा राजा युधिष्ठिरका सत्कार और उनपर आक्षेप करनेवाले चार्वाकका ब्राह्मणोंद्वारा वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  12.38.17 
तांस्तु वै पूजयामास कौन्तेयो विधिवद् द्विजान्।
धौम्यं गुरुं पुरस्कृत्य ज्येष्ठं पितरमेव च॥ १७॥
 
 
अनुवाद
कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर ने अपने गुरु धौम्य और अपने चाचा धृतराष्ट्र को आगे करके सब ब्राह्मणों का विधिपूर्वक पूजन किया॥17॥
 
Yudhishthira, the son of Kunti, led his teacher Dhoumya and his uncle Dhritarashtra in the front and worshipped all the Brahmins in the proper manner.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)