श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 37: व्यासजी तथा भगवान् श्रीकृष्णकी आज्ञासे महाराज युधिष्ठिरका नगरमें प्रवेश  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.37.7 
स ते धर्मरहस्येषु संशयान् मनसि स्थितान्।
छेत्ता भागीरथीपुत्र: सर्वज्ञ: सर्वधर्मवित्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
गंगापुत्र भीष्म सभी धर्मों के ज्ञाता और सर्वज्ञ हैं। वे धर्म के रहस्य के विषय में तुम्हारे मन में उठने वाले सभी संदेहों का निवारण करेंगे।॥ 7॥
 
'Bheeshma, the son of Ganga, is the knower of all religions and is omniscient. He will dispel all doubts that arise in your mind regarding the mystery of religion.॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)