श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 37: व्यासजी तथा भगवान् श्रीकृष्णकी आज्ञासे महाराज युधिष्ठिरका नगरमें प्रवेश  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  12.37.41 
कुरुस्त्रियश्च ता: सर्वा: कुन्ती कृष्णा तथैव च।
यानैरुच्चावचैर्जग्मुर्विदुरेण पुरस्कृता:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
उनके पीछे कुन्ती और द्रौपदी आदि कुरुवंश की सब स्त्रियाँ अपनी-अपनी सुविधानुसार भिन्न-भिन्न वाहनों पर सवार होकर चल रही थीं। उनके पीछे विदुरजी थे, जो उन सबकी देखभाल कर रहे थे॥ 41॥
 
Behind them all the ladies of the Kuru clan, including Kunti and Draupadi, were riding on different vehicles as per their convenience. Behind them was Vidurji, who was taking care of them all.॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)