श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 37: व्यासजी तथा भगवान् श्रीकृष्णकी आज्ञासे महाराज युधिष्ठिरका नगरमें प्रवेश  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  12.37.39 
रथं हेममयं शुभ्रं शैब्यसुग्रीवयोजितम्।
सह सात्यकिना कृष्ण: समास्थायान्वयात् कुरून्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
शैब्य और सुग्रीव नामक घोड़ों से जुते हुए सुन्दर स्वर्णमय रथ पर आरूढ़ होकर श्रीकृष्ण सात्यकि के साथ कौरवों के पीछे चले॥39॥
 
Mounted on a beautiful golden chariot harnessed by horses named Shaibya and Sugriva, Shri Krishna along with Satyaki followed the Kauravas. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)