श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 37: व्यासजी तथा भगवान् श्रीकृष्णकी आज्ञासे महाराज युधिष्ठिरका नगरमें प्रवेश  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  12.37.26 
वैशम्पायन उवाच
एवमुक्त: स कृष्णेन राजा राजीवलोचन:।
हितार्थं सर्वलोकस्य समुत्तस्थौ महामना:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं: जनमेजय! श्रीकृष्ण के ऐसा कहने पर कमलनयन, महामनस्वी राजा युधिष्ठिर सम्पूर्ण जगत के कल्याण के लिए उठ खड़े हुए॥ 26॥
 
Vaishmpayana says: Janamejaya! Upon Shri Krishna saying this, the lotus-eyed, great-minded king Yudhishthira stood up for the welfare of the whole world.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)