श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 37: व्यासजी तथा भगवान् श्रीकृष्णकी आज्ञासे महाराज युधिष्ठिरका नगरमें प्रवेश  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  12.37.21 
वासुदेव उवाच
नेदानीमतिनिर्बन्धं शोके त्वं कर्तुमर्हसि।
यदाह भगवान् व्यासस्तत् कुरुष्व नृपोत्तम॥ २१॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण बोले - हे श्रेष्ठ! अब तुम शोक को अधिक हठपूर्वक मत पकड़ो। भगवान व्यास जो आज्ञा दें, वही करो। 21॥
 
Lord Shri Krishna said – Best of all! Now don't hold on to grief too stubbornly. Do whatever Lord Vyas orders. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)