Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.365.5: पृथ्वीनाथ! तत्पश्चात् प्राचीन काल में देवराज इन्द्र ने समस्त श्रेष्ठ ब्राह्मणों के समक्ष यह मंगलमय कथा कही॥5॥   |   mahabharat अध्याय 12.365: नागराजसे विदा ले ब्राह्मणका च्यवनमुनिसे उञ्छवृत्तिकी दीक्षा लेकर साधनपरायण होना और इस कथाकी परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 365: नागराजसे विदा ले ब्राह्मणका च्यवनमुनिसे उञ्छवृत्तिकी दीक्षा लेकर साधनपरायण होना और इस कथाकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  12.365.5 
देवराजेन च पुरा कथितैषा कथा शुभा।
समस्तेभ्य: प्रशस्तेभ्यो विप्रेभ्यो वसुधाधिप॥ ५॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वीनाथ! तत्पश्चात् प्राचीन काल में देवराज इन्द्र ने समस्त श्रेष्ठ ब्राह्मणों के समक्ष यह मंगलमय कथा कही॥5॥
 
Prithvinath! After that, in ancient times, Devraj Indra told this auspicious story in front of all the best Brahmins. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)