स एव त्वं स एवाहं योऽहं स तु भवानपि।
अहं भवांश्च भूतानि सर्वे यत्र गता: सदा॥ ८॥
अनुवाद
(आपने सूर्यमण्डल में भगवान नारायण की स्थिति का वर्णन किया है) जिसमें मैं, आप और सम्पूर्ण प्राणी सदैव स्थित रहते हैं, वही आप हैं, वही मैं हूँ और जो मैं हूँ, वही आप हैं। ॥8॥
(You have described the position of the Supreme Personality of Godhead Narayana in the solar system) In whom I, you and all beings are always situated, that is you, that is me, and what I am, that is you as well. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥