Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.364.8: (आपने सूर्यमण्डल में भगवान नारायण की स्थिति का वर्णन किया है) जिसमें मैं, आप और सम्पूर्ण प्राणी सदैव स्थित रहते हैं, वही आप हैं, वही मैं हूँ और जो मैं हूँ, वही आप हैं। ॥8॥   |   mahabharat अध्याय 12.364: ब्राह्मणका नागराजसे बातचीत करके और उञ्छव्रतके पालनका निश्चय करके अपने घरको जानेके लिये नागराजसे विदा माँगना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 364: ब्राह्मणका नागराजसे बातचीत करके और उञ्छव्रतके पालनका निश्चय करके अपने घरको जानेके लिये नागराजसे विदा माँगना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.364.8 
स एव त्वं स एवाहं योऽहं स तु भवानपि।
अहं भवांश्च भूतानि सर्वे यत्र गता: सदा॥ ८॥
 
 
अनुवाद
(आपने सूर्यमण्डल में भगवान नारायण की स्थिति का वर्णन किया है) जिसमें मैं, आप और सम्पूर्ण प्राणी सदैव स्थित रहते हैं, वही आप हैं, वही मैं हूँ और जो मैं हूँ, वही आप हैं। ॥8॥
 
(You have described the position of the Supreme Personality of Godhead Narayana in the solar system) In whom I, you and all beings are always situated, that is you, that is me, and what I am, that is you as well. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)