Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.364.1: ब्राह्मण बोला - सर्पराज! इसमें कोई संदेह नहीं कि यह एक अद्भुत कथा है। इसे सुनकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। मेरे मन में जो इच्छा थी, उसके अनुरूप वचन कहकर आपने मुझे मार्ग दिखाया है। | mahabharat अध्याय 12.364: ब्राह्मणका नागराजसे बातचीत करके और उञ्छव्रतके पालनका निश्चय करके अपने घरको जानेके लिये नागराजसे विदा माँगना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मण बोला - सर्पराज! इसमें कोई संदेह नहीं कि यह एक अद्भुत कथा है। इसे सुनकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। मेरे मन में जो इच्छा थी, उसके अनुरूप वचन कहकर आपने मुझे मार्ग दिखाया है।
The Brahmin said - King of snakes! There is no doubt that this is an astonishing story. I am very happy to hear this. By speaking the words in accordance with the desire I had in my mind, you have shown me the way.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥