Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.362.7: शुक्र नामक काला मेघ, जो वर्षा के समय आकाश में जल उत्पन्न करता है, वह इसी सूर्य का रूप है। इससे बढ़कर आश्चर्य की बात और क्या हो सकती है?॥7॥   |   mahabharat अध्याय 12.362: नागराजका ब्राह्मणके पूछनेपर सूर्यमण्डलकी आश्चर्यजनक घटनाओंको सुनाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 362: नागराजका ब्राह्मणके पूछनेपर सूर्यमण्डलकी आश्चर्यजनक घटनाओंको सुनाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.362.7 
शुक्रो नामासित: पादो यश्च वारिधरोऽम्बरे।
तोयं सृजति वर्षासु किमाश्चर्यमत: परम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
शुक्र नामक काला मेघ, जो वर्षा के समय आकाश में जल उत्पन्न करता है, वह इसी सूर्य का रूप है। इससे बढ़कर आश्चर्य की बात और क्या हो सकती है?॥7॥
 
The black cloud called Shukra, which produces water in the sky during rain, is the form of this Sun. What can be more surprising than this?॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)