Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.362.5: हे ऋषिवर! इससे अधिक आश्चर्य की बात और क्या हो सकती है कि भगवान सूर्य अपनी प्रजा का कल्याण करने के लिए वायु को अनेक भागों में विभाजित करके वर्षा ऋतु में वर्षा करते हैं?॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.362: नागराजका ब्राह्मणके पूछनेपर सूर्यमण्डलकी आश्चर्यजनक घटनाओंको सुनाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे ऋषिवर! इससे अधिक आश्चर्य की बात और क्या हो सकती है कि भगवान सूर्य अपनी प्रजा का कल्याण करने के लिए वायु को अनेक भागों में विभाजित करके वर्षा ऋतु में वर्षा करते हैं?॥5॥
O sage! What can be more astonishing than the fact that Lord Surya, in order to do good for his subjects, divides the air into many parts and brings down the rains during the rainy season? ॥5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥