श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 360: पत्नीके धर्मयुक्त वचनोंसे नागराजके अभिमान एवं रोषका नाश और उनका ब्राह्मणको दर्शन देनेके लिये उद्यत होना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.360.16 
अन्त:पुरगतं वत्सं श्रुत्वा रामेण निर्हृतम्।
धर्षणारोषसंविग्ना: कार्तवीर्यसुता हता:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
होमधेनु का बछड़ा अपहरण करके राजा के अन्तःकक्ष में रखा गया है', ऐसा सुनकर परशुरामजी ने क्रोध में भरकर कार्तवीर्य के पुत्रों को मार डाला॥ 16॥
 
Upon hearing that 'The calf of Homa-dhenu has been abducted and kept in the King's inner chambers', Parasurama, filled with scornful anger, killed the sons of Kartavirya.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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