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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 360: पत्नीके धर्मयुक्त वचनोंसे नागराजके अभिमान एवं रोषका नाश और उनका ब्राह्मणको दर्शन देनेके लिये उद्यत होना
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श्लोक 15
श्लोक
12.360.15
रोषस्य हि वशं गत्वा दशग्रीव: प्रतापवान्।
तथा शक्रप्रतिस्पर्धी हतो रामेण संयुगे॥ १५॥
अनुवाद
इन्द्र को भी टक्कर देने वाला महाबली रावण क्रोध के वशीभूत होकर युद्ध में भगवान राम के हाथों मारा गया ॥15॥
The mighty Ravana, who could rival even Indra, fell prey to anger and was killed by Lord Rama in the battle. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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