Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.36.5: उनके इस प्रकार पूछने पर भगवान स्वायम्भुव मनु बोले - 'महर्षिओ! मैं आपसे धर्म का वास्तविक स्वरूप संक्षेप तथा विस्तार से कह रहा हूँ, कृपया सुनिए। | mahabharat अध्याय 12.36: स्वायम्भुव मनुके कथनानुसार धर्मका स्वरूप, पापसे शुद्धिके लिये प्रायश्चित्त, अभक्ष्य वस्तुओंका वर्णन तथा दानके अधिकारी एवं अनधिकारीका विवेचन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तैरेवमुक्तो भगवान् मनु: स्वायम्भुवोऽब्रवीत्।
शुश्रूषध्वं यथावृत्तं धर्मं व्याससमासत:॥ ५॥
अनुवाद
उनके इस प्रकार पूछने पर भगवान स्वायम्भुव मनु बोले - 'महर्षिओ! मैं आपसे धर्म का वास्तविक स्वरूप संक्षेप तथा विस्तार से कह रहा हूँ, कृपया सुनिए।
On their asking this question Lord Swayambhuva Manu said - 'Maharishis! I am telling you the true nature of religion in brief and in detail, please listen.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥