Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.36.3: एक समय की बात है, व्रतपरायण बहुत से तपस्वी ऋषिगण एकत्र होकर प्रजापति राजा मनु के पास गए और बैठे हुए राजा से धर्म के विषय में पूछते हुए उन्होंने कहा - | mahabharat अध्याय 12.36: स्वायम्भुव मनुके कथनानुसार धर्मका स्वरूप, पापसे शुद्धिके लिये प्रायश्चित्त, अभक्ष्य वस्तुओंका वर्णन तथा दानके अधिकारी एवं अनधिकारीका विवेचन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋषयस्तु व्रतपरा: समागम्य पुरा विभुम्।
धर्मं पप्रच्छुरासीनमादिकाले प्रजापतिम्॥ ३॥
अनुवाद
एक समय की बात है, व्रतपरायण बहुत से तपस्वी ऋषिगण एकत्र होकर प्रजापति राजा मनु के पास गए और बैठे हुए राजा से धर्म के विषय में पूछते हुए उन्होंने कहा -
Once upon a time, many ascetic sages who were devoted to fasting gathered together and went to Prajapati King Manu and while asking the sitting king about religion, they said -
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥