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mahabharat 12.359.8: नियमित भोजन करना और व्रत रखना सबका धर्म है। धर्म का पालन करने से इन्द्रियाँ विशेष रूप से शुद्ध होती हैं। 8॥   |   mahabharat अध्याय 12.359: नागराजका घर लौटना, पत्नीके साथ उनकी धर्मविषयक बातचीत तथा पत्नीका उनसे ब्राह्मणको दर्शन देनेके लिये अनुरोध   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 359: नागराजका घर लौटना, पत्नीके साथ उनकी धर्मविषयक बातचीत तथा पत्नीका उनसे ब्राह्मणको दर्शन देनेके लिये अनुरोध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.359.8 
नियताहारता नित्यं व्रतचर्या यथाक्रमम्।
धर्मो हि धर्मसम्बन्धादिन्द्रियाणां विशेषत:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
नियमित भोजन करना और व्रत रखना सबका धर्म है। धर्म का पालन करने से इन्द्रियाँ विशेष रूप से शुद्ध होती हैं। 8॥
 
Eating regular food and observing fast is everyone's religion. The senses are especially purified by following religion. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)