श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 359: नागराजका घर लौटना, पत्नीके साथ उनकी धर्मविषयक बातचीत तथा पत्नीका उनसे ब्राह्मणको दर्शन देनेके लिये अनुरोध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.359.2 
तं भार्याप्युपचक्राम पादशौचादिभिर्गुणै:।
उपपन्नां च तां साध्वीं पन्नग: पर्यपृच्छत॥ २॥
 
 
अनुवाद
वहाँ सर्पराज की पत्नी जल, जल आदि उत्तम पदार्थों से युक्त होकर अपने पति की सेवा करने आई। अपनी पतिव्रता पत्नी को अपने पास आते देख सर्पराज ने पूछा -॥2॥
 
There the wife of the King of Snakes came to serve her husband with the best things like water, water and other things for washing his feet. Seeing his pious wife coming near him, the King of Snakes asked -॥2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)