Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.359.10: हे सर्पराज! पत्नी के लिए पति के प्रति निष्ठा सबसे बड़ा कर्तव्य बताया गया है। मैं आपके उपदेशों से उस कर्तव्य को भली-भाँति समझता हूँ।   |   mahabharat अध्याय 12.359: नागराजका घर लौटना, पत्नीके साथ उनकी धर्मविषयक बातचीत तथा पत्नीका उनसे ब्राह्मणको दर्शन देनेके लिये अनुरोध   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 359: नागराजका घर लौटना, पत्नीके साथ उनकी धर्मविषयक बातचीत तथा पत्नीका उनसे ब्राह्मणको दर्शन देनेके लिये अनुरोध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  12.359.10 
पतिव्रतात्वं भार्याया: परमो धर्म उच्यते।
तवोपदेशान्नागेन्द्र तच्च तत्त्वेन वेद्मि वै॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे सर्पराज! पत्नी के लिए पति के प्रति निष्ठा सबसे बड़ा कर्तव्य बताया गया है। मैं आपके उपदेशों से उस कर्तव्य को भली-भाँति समझता हूँ।
 
O King of Snakes! For a wife, fidelity to her husband is said to be the greatest duty. I understand that duty very well from your teachings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)