Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.358.9: हमारे कुल में ऐसा कोई नहीं है जिसने कभी भ्रूणहत्या की हो, जिसका बच्चा पैदा होते ही मर गया हो, जिसने झूठ बोला हो, या जो देवताओं, अतिथियों और बन्धु-बान्धवों को भोजन कराने से पहले ही उसे खा लेता हो।॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.358: नागराजके दर्शनके लिये ब्राह्मणकी तपस्या तथा नागराजके परिवारवालोंका भोजनके लिये ब्राह्मणसे आग्रह करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न हि नो भ्रूणहा कश्चिज्जातापद्यनृतोऽपि वा।
पूर्वाशी वा कुले ह्यस्मिन् देवतातिथिबन्धुषु॥ ९॥
अनुवाद
हमारे कुल में ऐसा कोई नहीं है जिसने कभी भ्रूणहत्या की हो, जिसका बच्चा पैदा होते ही मर गया हो, जिसने झूठ बोला हो, या जो देवताओं, अतिथियों और बन्धु-बान्धवों को भोजन कराने से पहले ही उसे खा लेता हो।॥9॥
There is no one in our clan who has ever committed foeticide, whose child has died after being born, who has spoken a lie, or who eats his food before offering it to the gods, guests and relatives.'॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥