Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.358.4: सर्पराज के सभी भाई-बन्धु, जो अपने आतिथ्य के लिए प्रसिद्ध थे, उस ब्राह्मण के पास गए और उसकी बारंबार पूजा करके संशयरहित वाणी में बोले-॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.358: नागराजके दर्शनके लिये ब्राह्मणकी तपस्या तथा नागराजके परिवारवालोंका भोजनके लिये ब्राह्मणसे आग्रह करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते सर्वे समतिक्रम्य विप्रमभ्यर्च्य चासकृत्।
ऊचुर्वाक्यमसंदिग्धमातिथेयस्य बान्धवा:॥ ४॥
अनुवाद
सर्पराज के सभी भाई-बन्धु, जो अपने आतिथ्य के लिए प्रसिद्ध थे, उस ब्राह्मण के पास गए और उसकी बारंबार पूजा करके संशयरहित वाणी में बोले-॥4॥
All the brothers and relatives of the King of Snakes, who were famous for their hospitality, went to the Brahmin and after worshipping him repeatedly, spoke in a voice that was free of doubt -॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥