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mahabharat 12.357.4: उसके वचन सुनकर सर्पराज की अत्यंत सुंदर और धर्मपरायण पत्नी ब्राह्मण के समक्ष प्रकट हुई ॥4॥   |   mahabharat अध्याय 12.357: नागपत्नीके द्वारा ब्राह्मणका सत्कार और वार्तालापके बाद ब्राह्मणके द्वारा नागराजके आगमनकी प्रतीक्षा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.357.4 
तत् तस्य वचनं श्रुत्वा रूपिणी धर्मवत्सला।
दर्शयामास तं विप्रं नागपत्नी पतिव्रता॥ ४॥
 
 
अनुवाद
उसके वचन सुनकर सर्पराज की अत्यंत सुंदर और धर्मपरायण पत्नी ब्राह्मण के समक्ष प्रकट हुई ॥4॥
 
On hearing his words, the extremely beautiful and devoted wife of the King of Snakes, who had love for Dharma, appeared before the Brahmin. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)